Treatment of Kidney Stone

Treatment of Kidney Stone

बिना ऑपरेशन गुर्दे की पथरी का इलाज संभव है। 

आयुर्वेद के अनुसार आर्यन तथा द्रविड़ प्रजाति में विजातिय द्रव्य की मात्रा 3 या इससे कम होनी चाहिए। 

आपाधापी की जिंदगी है भौतिक संसाधन जुटाने के लिए मनुष्य अपने शरीर, आहार-विहार पर ध्यान नहीं दे पाता। 

जंकफूड फास्टफूड, बासी भोजन, बाजारू खाना खाने की वजह शरीर में विजातीय द्रव्य का निर्माण ज्यादा मात्रा में होता है और ये पूरी तरह से गुर्दे से बाहर नहीं निकल पाता जिससे खून में इसकी मात्रा बढ़ जाती है यही विजातीय द्रव्य गुर्दे में इकट्ठा होकर पथरी के रूप में कड़क बन जाता है।  इसी को गु गुर्दे की पथरी कहते है।
 
यह पथरी जो पत्थर नुमा होती है गुर्दे की दीवारों से टकराती है जिसके फलस्वरूप रोगी को तीव्र दर्द होता है। 

ये सब जानते है की हमारा शरीर बाहरी किसी चीज को अपने शरीर में रहने नहीं देता है अगर गलती से रह जाए तो उस मनुष्य को अत्यंत पीड़ा सहन करनी पड़ती है।  उदहारण के तोर पर हम देखते है की छोटा सा काँटा भी पैर में चुभ जाए तो कितना दर्द होता है। 

ये पत्थर नुमा जो पदार्थ किडनी में जमा होता है उसका आयुर्वेद के अनुसार टमाटर, पालक, पतीदार सब्ज़ी का ज्यादा सेवन ही मुख्य कारण है। 

किडनी तीन खंडों की बनी होती है लोअर केलिक्स, मध्य केलिक्स, ऊपरी केलिक्स।  प्राय: लोअर केलिक्स अर्थात निचले खंड में ही रोगी को पथरी बनती है।  यहाँ से हमारी दवा Dr Thanki's Stone Powder द्वारा आसानी से निकाली जा सकती है। कभी कभी ये पथरी मध्य खंड या ऊपरी खंड में स्थित हो सकती है वहाँ से पथरी को निकलने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। 

USG Abdomen अर्थात पेट की सोनोग्राफी द्वारा इसका पता लगाया जाता है।  यूरिक एसिड का लेवल खून की जाँच द्वारा पता लगाया जाता है। गुर्दे की पथरी को निकालने के लिए आधुनिक विज्ञान में कोई दवाई उपलब्ध नहीं मात्र चीर फाड़ द्वारा ही गुर्दे की पथरी को निकाला जा सकता है। 
 आयुर्वेद में किसी भी साइज की पथरी गुर्दे के किसी भी खंड (calyx) में हो दवाइयों द्वारा गलाकर निकला जा सकता है। 

"पित्ताशय की पथरी या गुर्दे की पथरी निकालने के बाद कुछ समय के उपरान्त दुबारा बनने की संभावना रहती है।  हमारे अनुसंधान कर्ताओं ने ऐसी दवा का निर्माण किया है जिससे पथरी निकल भी जाए और दुबारा पथरी बनने की संभावना खत्म हो जाती है। "

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